कभी आंसू कभी खुशी बेची

कभी आंसू कभी खुशी बेची 
हम गरीबों ने बेकसी बेची 
चंद सांसे खरीदने के लिए 
रोज थोड़ी सी जिंदगी भेजी 
जब रुलाने लगे मुझे साए 
मैंने उकताकर रोशनी बेची
एक हम थे कि 
खुद ही बिक गए "साजन*
वरना दुनिया ने तो दोस्ती बेची

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